Chawal Mooli Puri Recipe: सर्दियाँ शुरू हो चुकी है और ऐसे में गर्म खाना सभी को पसंद होता है। सर्दी में आपको सबसे ज्यादा हरी सब्जियां मिलती है। हरी सब्जी का खजाना इस वक्त खुला रहता है। हरी सब्जी में भी आपको 2 महीने के सीजन वाली पर जोर ज्यादा देना चाहिए। मूली और सरसों का साग सीजन की सबसबे ज्यादा पसंदीदा सब्जी है। बथुआ और सोगरी भी खूब खाना चाहिए। मूली के पराठे और सरसों का साग मिल जाए तो सर्दी में 4 चाँद लग जाए।
चावल-मूली की पूरी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
-चावल का आटा -1 कप
-कद्दूकस की हुई मूली -1 कप
-हरी मिर्च (बारीक कटी) -1
-जीरा -आधा चम्मच
-अजवाइन -आधा चम्मच
-नमक -स्वाद के मुताबिक
-धनिया पत्ती (बारीक कटी) -2 छोटी चम्मच
-तेल -तलने के लिए
-पानी -जरूरत के मुताबिक
चावल-मूली की आसान recipe
1. सबसे पहले मूली को अच्छे से धो लें और फिर कद्दूकस कर लें. कद्दूकस करने के बाद मूली को हल्के हाथ से निचोड़ लें, ताकि उसका ज्यादा पानी निकल जाए, अगर मूली में पानी ज्यादा रहेगा तो आटा गूंथते समय परेशानी हो सकती है.
2. अब एक बड़े बर्तन में चावल का आटा डालें. इसमें निचोड़ी हुई मूली, बारीक कटी हरी मिर्च, जीरा, अजवाइन, नमक और धनिया पत्ती डाल दें. अब इन सारी चीजों को अच्छे से मिला लें, ताकि मसाले हर जगह बराबर फैल जाएं.
3. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ज्यादा ढीला. आटा गूंथने के बाद उसे ढककर करीब 10 मिनट के लिए रख दें, ताकि चावल का आटा अच्छे से सेट हो जाए.
5. अब आटे से छोटी-छोटी लोइयां बना लें. बेलन की मदद से इन्हें हल्के हाथ से पूरी के आकार में बेल लें. बेलते समय अगर आटा चिपके तो हल्का सा चावल का आटा लगा सकते हैं.
6. अब कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें. तेल अच्छे से गरम हो जाए, तब आंच को मध्यम रखें और एक-एक करके पूरी तेल में डालें. पूरी को हल्के हाथ से पलटते रहें, ताकि वह दोनों तरफ से अच्छे से सिक जाए. जब पूरी सुनहरे रंग की हो जाए, तब उसे निकाल लें.
इसी तरह सारी पूरियां तल लें. तैयार चावल-मूली की पूरी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है.
चावल-मूली
इस पूरी के साथ आप आलू की सूखी सब्जी, टमाटर की चटनी या दही भी परोस सकते हैं, अगर चाहें तो इसे हरी धनिया-पुदीने की चटनी के साथ नाश्ते में भी खा सकते हैं. यह बच्चों के टिफिन के लिए भी एक अच्छा ऑप्शन बन सकती है.
चावल-मूली की पूरी बनाते समय ध्यान रखने वाली बातें
-मूली का पानी अच्छे से निकालना बहुत जरूरी है
-तेल ज्यादा तेज न हो, वरना पूरी जल्दी काली हो सकती है
-आटा ज्यादा देर तक खुला न रखें
-पूरी को धीमी आंच पर तलने से स्वाद बेहतर आता है