छोटी सी लड़की की व्रत वाली कहानी, गणेश जी की कथा

एक छोटी सी लड़की थी और अपनी गोद में खिलोने को खिला रही थी। छोटे से टेडी बियर को अपने बच्चे की तरह खिलाना हर किसी को अच्छा लगता है। बच्चे खिलोने को ही हकीकत जैसा प्यार देते हैं। बच्चों की हर एक ख्वाहिश को भगवान् भी पूरा करते हैं। इंडिया में हर एक व्रत त्योंहार की कथा होती है। व्रत करने पर कहानी सुनने का रिवाज ब्राह्मण महिला से है। कहानी सुनकर आखा गेंहू और पैसे भी दिए जाते हैं। व्रत करने पर शरीर की कई बीमारियां ठीक हो जाती है। शरीर को हफ्ते में एक दिन का रेस्ट चाहिए होता है। डॉक्टर भी कहते हैं एक दिन सिर्फ शरीर की सफाई होनी चाहिए।

व्रत की कहानी

एक छोटी सी लड़की थी और झूठ मूठ के बच्चे को खिला रही थी। उधर से भगवान निकले और पूछे की बाई क्या कर रही है। इतने में ही बच्ची ने बोला की में बाबू को खिला रही हूँ। भगवन ने साधू भेष में पूछा की घर पर कोण है तो बिटिया बोली की दादी है अंदर। बुढ़िया को देखकर भगवन से रहा नहीं गया और वरदान मांगने को कहा। दादी के लिए वरदान माँगा गया कि मैं अपनी दादी को सोने के कचोले में बच्चे को दूध पिलाते हुए देखना चाहती हूँ।

एक वरदान में कितनी चीजें मांग ली गई। सोने का कटोरा और बुढ़िया की आँखे मांग ली। एक पोता मांग लिया और खुशहाल घर मांग लिया। ये सब देखकर हर कोई हैरान हो गया। हे गणेश जी महाराज उस बिटिया को दिया उतना ही सबको दें।

 

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