Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों से परेशान लोगों के लिए आज राहत भरी खबर आई है। बाजार में इन कीमती धातुओं के दाम में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जिसने आभूषण खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। 29 अक्टूबर 2025 को ‘इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव गिरकर ₹1,18,043 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी की चमक भी कुछ फीकी पड़ी है और इसके दाम ₹1,41,896 प्रति किलोग्राम दर्ज किए गए हैं। यह गिरावट न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक बाजार में मची हलचल का नतीजा है।
Gold and Silver Price Comparison
राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी रेट्स में काफी अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली में सोने की कीमत ₹1,21,800 और चांदी ₹1,45,000 के आसपास चल रही है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी कीमतों में नरमी आई है। वैश्विक स्तर की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $3,887.03 और चांदी $45.56 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। आम ग्राहकों के लिए यह खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकता है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से दाम लगातार बढ़ रहे थे।
शहर/बाजार सोना (प्रति 10 ग्राम) चांदी (प्रति किलो)
IBJA (शुद्ध दर) ₹1,18,043 ₹1,41,896
दिल्ली (खुदरा) ₹1,21,800 ₹1,45,000
ग्लोबल मार्केट $3,887.03/oz $45.56/oz
Major Factors Behind the Slump
कीमतों में आई इस अचानक गिरावट के पीछे कई बड़े आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती इसका सबसे बड़ा कारण है। जब डॉलर की कीमत बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग कम हो जाती है, जिससे भाव गिरते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों ने भी निवेशकों को सोने से दूर किया है। घरेलू मोर्चे पर भारतीय रुपये की मजबूती और शेयर बाजार में निवेशकों का बढ़ता रुझान भी सोने-चांदी की कीमतों को नीचे धकेलने में अहम भूमिका निभा रहा है।
Investment Opportunity or Risk?
अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सोना खरीदने या इसमें निवेश करने का सही समय है? बाजार के जानकारों के मुताबिक, कीमतों में आई यह कमी उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका है जो शादियों के सीजन के लिए गहने बनवाना चाहते हैं। हालांकि, शॉर्ट-टर्म निवेशकों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक हालात अभी भी अस्थिर हैं। लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना हमेशा से एक सुरक्षित विकल्प रहा है, इसलिए गिरावट के इस दौर में धीरे-धीरे खरीदारी करना फायदेमंद साबित हो सकता है।