Today CNG Latest Rates: पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच आज हर वाहन चालक की नजर सबसे पहले ईंधन के भाव पर टिकती है। ऐसे में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) एक बजट-फ्रेंडली और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बनकर उभरी है। हर सुबह जब सीएनजी के नए रेट जारी होते हैं, तो इसका सीधा असर लाखों टैक्सी, ऑटो और निजी कार मालिकों की जेब पर पड़ता है। शहर और राज्य के हिसाब से कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव न केवल आपके सफर के खर्च को तय करता है, बल्कि घर के बजट को भी प्रभावित करता है।
Why CNG Rates Vary Across India
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही देश में सीएनजी के दाम हर शहर में अलग क्यों होते हैं? असल में, सीएनजी की कीमतें पूरे भारत में एक जैसी नहीं रहतीं। इसके पीछे मुख्य वजह गैस की आपूर्ति (Supply), राज्यों के अलग-अलग टैक्स और गैस वितरण कंपनियों की लागत है। जिन शहरों में गैस पाइपलाइन का नेटवर्क मजबूत है, वहाँ दाम कम रहते हैं। इसके उलट, दूरदराज के इलाकों या पहाड़ी क्षेत्रों में गैस पहुँचाने का खर्च बढ़ जाता है, जिससे वहां के लोगों को सीएनजी के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।
CNG Status in Metro Cities
राजधानी दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में सीएनजी की स्थिति काफी मजबूत है। दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा सीएनजी पर चलता है, जिससे यहाँ मांग और सप्लाई का संतुलन बना रहता है और कीमतें काबू में रहती हैं। वहीं मुंबई में भी महानगर गैस लिमिटेड जैसी कंपनियां इसे किफायती बनाए रखने की कोशिश करती हैं। हालांकि, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में सीएनजी के रेट थोड़े ऊंचे हैं, लेकिन फिर भी ये पेट्रोल-डीजल के मुकाबले काफी सस्ते पड़ते हैं। इन शहरों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोग अब तेजी से सीएनजी गाड़ियों की तरफ मुड़ रहे हैं।
Regional Pricing Challenges and Hill States
मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में सीएनजी की उपलब्धता आज भी एक बड़ी चुनौती है। भोपाल, इंदौर और रायपुर जैसे शहरों में सप्लाई नेटवर्क अभी उतना फैला नहीं है, जिसके कारण यहाँ कीमतें अक्सर ₹90 प्रति किलो के पास पहुँच जाती हैं। पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पाइपलाइन बिछाना मुश्किल और खर्चीला काम है, इसलिए यहाँ सीएनजी सबसे महंगी मिलती है। इसी तरह, पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार और ओडिशा में भी धीरे-धीरे नेटवर्क बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में दाम कम होने की उम्मीद है।
Impact on Commuters and Future Roadmap
सीएनजी की कीमतों का सीधा असर आम आदमी के सफर पर पड़ता है। अगर दाम स्थिर रहते हैं, तो ऑटो और टैक्सी के किराए नहीं बढ़ते, जिससे रोजमर्रा का सफर करने वालों को राहत मिलती है। पर्यावरण के लिहाज से भी सीएनजी एक बेहतर विकल्प है क्योंकि यह प्रदूषण कम फैलाती है। सरकार का लक्ष्य भी यही है कि देशभर में सीएनजी स्टेशनों का जाल बिछाया जाए ताकि तेल के आयात पर निर्भरता कम हो। जैसे-जैसे देश में पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, आने वाले सालों में सीएनजी और भी सुलभ और सस्ती होने की संभावना है।